
शहर से काफी दूर एक घना जंगल जहां से दूर दूर तक सिर्फ घनघोर अंधेरा पसरा हुआ जिसे देख यही लगता कि यहां आस पास कोई नहीं रहता होगा। पर इसी जंगल के बीच जहां सिर्फ जंगली जानवरों और कीट पतंगों की सांसों का शोर था वहां अब कुछ लोगों के बात करने और हंसने का शोर था। पर शोर सिर्फ इतना कि बाहर से देखने पर किसी को कुछ न समझ आए। पर वही अन्दर का माहौल ही अलग था। जंगल के बीच बीस पच्चीस आदमी हाथों में शराब लिए मस्ती में झूम रहे होते हैं और उन्हीं के बीच में चार लड़कियां अपनी अतरंगी हरकतें करते हुए उन्हें अपनी ओर रिझा रही होती हैं। वो सारे आदमी अपने पेंट उतार अपनी मर्दानगी को हाथ में लेकर उन लड़कियों को देखते हुए हल्के हल्के से सहला रहें होते हैं। वो लड़कियां जिन्होंने कपड़ों के नाम पर सिर्फ जालीदार चोली और बहुत छोटी स्कर्ट पहना था जिससे उनके बदन का हर हिस्सा वहां की हल्की रौशनी में भी साफ दिखाई दे रहा था।
वो लड़कियां उन आदमीयों के मर्दानगी को कभी हाथों से सहलाती तो कभी अपने होंठों से चूमने लगती। वो आदमी अब पूरी तरह नशे और वासना में चूर हो चुके होते हैं। एक एक लड़की के साथ 4 से 5 आदमी एक साथ टूट पड़े। कोई उनके सीने को कस कर सहलाते तो कोई उनकी जांघों को चूमता तो कोई उनके मुंह में अपने औजार को आगे पीछे करता तो कोई उनके पीछे उनकी मांसल चूतड़ों को बेहरमी से सहलाते मारते दबाते। वो लड़कियां भी अब आहें भरने लगी थी और एक साथ उन सभी आदमियों को खुश कर रही थी।अब आलम ये हो गया था कि अब बस सबकी तेज तेज मादक आंहों का शोर गूंजने लगा था उस शांत से जंगल के बीच में वो लड़कियां जो अभी तक मादक सिसकियां ले रही थी अब वही दर्द में चिल्लाने लगी थी क्योंकि अब वो आदमी वहशीपने पर उतर आए थे। वो सब उन्हें बेहरमी से चूमते हुए हर हिस्से पर काट रहे थे तो कोई उनके सीने और जांघों पर जलते कोयले रख कर खुद को संतुष्ट कर रहा था। वो सब एक साथ उन लड़कियों के साथ बहुत टफ सेक्स करने लगे थे किसी के लण्ङ उनके गांड़ में ... दो दो लंड एक साथ उनकी चूत में और साथ ही उनके मुंह में तेजी से अपने आप को संतुष्ट कर रहे थे जिससे उन लड़कियों की आँखें बाहर आने लगी थी। चार घंटों तक उन लड़कियों के साथ बेहरमी करने के बाद जब सब थमा तब तक उन लड़कियों ने दम तोड़ दिया था। उन आदमीयों ने उन लड़कियों की लाशों को वहीं पर जंगली जानवरों के खाने को छोड़ दिया और अपने कपड़े पहन वहां से जाने की तैयारी करने लगे थे क्योंकि अब रात का तीसरा पहर शुरू हो चुका था । इसी अंधेरा का फायदा उठा उन्हें वहां से निकलना था। उन्होंने वहां पर पड़े कुछ कंटेनर के पास गए जिसे लेकर उन्हें जाना था। उन्होंने वो कंटेनर उठाया और उसे लेके जंगल के दूसरी ओर बढ़ने वाले थे कि एक आदमी उस भरी भरकम कंटेनर को लेके लड़खड़ा गया जिससे उसमें मौजूद सामान बाहर गिर गया।
उन आदमीयों का लीडर रंगा उस आदमी पर चिल्लाते हुए – अबे ओए हरामजादों ध्यान से अगर गिनती में ये एक भी कम हुई तो मालिक हमारी जान ले लेगा और हमारी खाल तक को बेच के अपनी कीमत वसूल लेगा।
वो आदमी बिल्लू चालाकी से मिमियाते हुए– माफ करना भैया वो साला आज इतना मजा लिए कि थोड़ा पैर लड़खड़ा गए पर आप चिंता मत करो हम एक भी गिनती कम नहीं होने देंगे। वैसे भी हम ये सारा माल एक शेर के नाक के नीचे से निकाल कर ला सकते हैं तो हम कुछ भी कर सकते हैं चिंता मत करो।
रंगा हस्ते हुए _ हा ये बात तो है चल जल्दी से उठा इसे हमें सुबह तक मालिक के पास पहुंचना है।
बिल्लू जल्दी से गिरा हुआ समान अंदर रख कंटेनर जैसे ही बंद कर उसे उठाने लगता है कि तभी एक ब्लैक कलर की थार तेजी से वहां आके रुकती है जिससे वो सारे आदमी डर से एक कदम पीछे हो जाते हैं। कुछ देर तक गाड़ी के अंदर से कोई नहीं निकलता। अन्दर से कोई हलचल महसूस न होने पर सबने एक दूसरे की तरफ देखा। रंगा के इशारे पर उनमें से एक आदमी गाड़ी के दरवाजे को खोलने लिए जैसे ही उसके पास पहुंचता है वैसे ही टूटते दरवाजे को लिए वो आदमी वहां से उड़ते हुए पीछे की तरफ गिरता है। तभी एक जोड़ी पैर बाहर निकलता है जिसे देख सारे आदमियों के होश उड़ जाते हैं।उनका शराब का सारा नशा एक झटके में उतर जाता है। वो इंसान बेहद रौब से गाड़ी से बाहर निकल एक एक पर सरसरी निगाह घुमाते हुए बड़े आराम से बोनट पर जाके बैठ जाता है।
वो लड़का जिसने इतनी ठंड में भी सिर्फ ब्लैक पैंट के साथ ब्लैक फिटिंग्स शर्ट जिसके ऊपर के तीन बटन खुले होने की वजह से उसका चौड़ा सीना दिख रहा होता है उसकी शर्ट उसके शरीर पर एक दम चिपकी होती है जिसे देख साफ पता चल रहा था कि बहुत मेहनत की है जिम में बॉडी बनाने के लिए .... उसके हल्के बड़े काले भूरे बाल उड़ते हुए उसके माथे पर बिखर रहे होते हैं जिससे वो और ज्यादा अट्रैक्टिव लग रहा था पर इनसे भी ज्यादा खूबसूरत उसकी हल्की नीली हरी समंदर से भी गहरी आंखे हल्की बियर्ड में छुपा एक तिल उसके गुलाबी भरे होंठ जिसमें उसने सिगरेट दबा लाइटर से उसे सुलगाते हुए बेहद ठंडी आवाज में– तुम्हारे पास सिर्फ 2 मिनट है जल्दी से मेरे सामान को छोड़ दफा हो जाओ तो मैं तुम सबकी जान बख्श सकता हूं वरना.....
उस लड़के की इतनी गहरी और ठंडी आवाज सुन उन आदमीयों की हड्डियां अंदर तक हिल गई थीं। उन्हें पता था अब उनकी जान बचना मुश्किल है क्योंकि अगर वो सब माल छोड़ यहां से गए तब भी उनकी मौत निश्चित है और अगर नहीं छोड़ा तो भी उनकी मौत निश्चित है बस उन्हें ये नहीं समझ आ रहा था मौत वहां ज्यादा भयानक मिलेगी या यहां। क्योंकि सामने जो खड़ा है वो मारने में ऐसा है कि यमराज भी डर से कांप जाए। सारे आदमी डर से थूक निगलते हुए एक दूसरे को देख आंखों ही आंखों में इशारा करने लगे।
तभी उनके कानों में आवाज आती है– लगता है तुम लोगों को मरने से डर नहीं लगता। सबके चेहरे पर इस ठंडे मौसम में भी डर से पसीना बहने लगता है। वो लड़का मुंह से धुंआ उड़ाते हुए उनको एक नजर देख अपनी सिगरेट साइड में फेक गाड़ी से नीचे उतरता है।
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